राजदूत को अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया सफलता का मार्ग

संकलन: रेनू सैनी
एक राजदूत तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट से मिलने गया। रूजवेल्ट से मिलकर वह उनसे काफी प्रभावित हुआ और बोला, ‘सर, यदि आप आज्ञा दें तो मैं आपसे एक निजी प्रश्न पूछना चाहता हूं।’ रूजवेल्ट बोले, ‘क्या पूछना चाहते हो? आप बेझिझक पूछ सकते हो।’ राजदूत बोला, ‘सर, क्या जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए असाधारण योग्यता का होना अनिवार्य है? क्या आप भी असाधारण योग्यता के कारण ही इस पद पर विराजमान हुए या फिर साधारण होने पर भी असाधारण योग्यता को पाया जा सकता है? कृपया मेरी जिज्ञासा का समाधान कीजिए।’

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राष्ट्रपति रूजवेल्ट राजदूत की बात सुनकर मुस्कराने लगे और बोले, ‘प्रश्न तो आपने बहुत अच्छा पूछा है किंतु मैं इस प्रश्न का जवाब अपना उदाहरण लेकर देना चाहूंगा। मेरे विचार में जीवन में सफलता प्राप्त करने अथवा महान बनने के पीछे दो प्रमुख बातों की भूमिका होती है। पहली तो यह है कि असाधारण प्रतिभा वाले लोग गूढ़ व अत्यंत दुष्कर कार्य को अपनी स्वाभाविक प्रतिभा व कौशल के दम पर कर लेते हैं। ऐसे लोगों में एकाग्रता, लक्ष्य के प्रति समर्पण स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। दूसरी तरह से सफलता तब मिलती है, जब मनुष्य उस काम को करने का संकल्प ले लेता है और उसे पूरा करने के लिए तन-मन से जुट जाता है। इसलिए दूसरी तरह से भी सफलता मिल सकती है परंतु केवल उन्हीं लोगों को मिलती है जो तन्मयता व धैर्य से काम करते हुए अपने लक्ष्य की ओर सतत बढ़ते हैं।’

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रूजवेल्ट ने आगे कहा, ‘मुझमें भी कोई असाधारण प्रतिभा नहीं है। हां, काम को सफलता की हद तक करने का जुनून अवश्य है और मेरे इसी जुनून ने मुझे आज इस पद पर पहुंचाया है। इसलिए साधारण योग्यता होने पर भी असाधारण सफलता हासिल की जा सकती है परंतु इसके लिए सतत प्रयत्नशील होना जरूरी है।’ रूजवेल्ट के जवाब से राजदूत संतुष्ट था।